सन्यासी राजनेता भाजपा को मुस्लिम समाज का करारा जवाब

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नमक रोटी से रख लेंगे रोजा नही चाहिए बेकरी खुली

मीरा भाईंदर (सिटी न्यूज़ मुम्बई) रात दो घण्टे के लिए बेकरी खुले रखने के मनपा आयूक्त के फैसला का राजनीति से दिखावे के सन्यास लेने वाले और उनके चेले चपाटो ने सोशल मीडिया पर जातीय रंग देने की कोशिश की उसे नाकाम करने के लिए मुस्लिम समाजिक संस्थाए व एनजीओ आज सामने आते हुए उन्होंने आयूक्त को निवेदन दिया कि वह अपना आदेश रद्द करें मुस्लिम समाज नमक और रोटी से भी रोजा रख लेगा।

सोशल मीडिया पर भाजपा के राजनीति के सन्यासी नेता ने आयूक्त को टारगेट करने के लिए, भाजपाईयो से अपील की थी के वह आयूक्त का विरोध करे तथा उन्हें मैसेज करे ,जिस के बाद कोरोना जंग लढ रहे आयूक्त को काफी मेसजे व फोन आये है।महामारी में गन्दी राजनीति से बाज ना आने वाले नेताओं ने जनता से मुंह छुपाया हुआ है।वही पर डट कर शहर को सुरक्षित करने के लिए रात दिन एक करने वाले आयूक्त को फोन करवाना व मेसेज करवाने का आदेश देने वाले मेहता की घटिया राजनीति का भी विरोध किया जा रहा है।
मेहता ने अपने खासम खास नगरसेवको को सोशल मीडिया पर कल से झोंक दिया जिस से आपसी भाई चारगी खतरे में आ रही थी।सोशल मीडिया पर 2 घण्टे बेकरी खुले रखने पर जातीय रंग देने की पूरी कोशिश की जा रही है जिस के चलते मीरा भाईंदर के मुस्लिम और उसके दानिशमंद और व्यापारी समाजिक संस्थाए जिस में बेकरी वाले भी शामिल थे आज मनपा आयूक्त को निवेदन दिया कि बेकरी 2 घण्टे रात 2 बजे से 4 बजे तक खुली रखने के आदेश दिये है ।उसे रद्द करें। किसी को अगर इस फैसले से तकलीफ होती है तो उन्हें ऐसी सुविधा नही चाहिए।गंगा जमना तहजीब को बरकरार रखना जरूरी है।कोरोना वायरस की जंग मनपा आयूक्त बहुत अच्छे कारगर तरीके से लढ रहे है। उन्हें सफलता मिल भी रही हम उन्हें पूरा समर्थन कर रहे है।शहर का माहौल बनाये रखने के लिए हर संभव कोशिश करते हुए हमें बेकरी सुविधा नही चाहिए कहते हुए आदेश को रद्द करने की मांग की है।
भाजपा की मंशा को नाकाम करने के लिए मुस्लिम समाज स्वयं आगे आने से जातीय सियासी रंग देने की कोशिश नाकाम हो होती दिख रही है।
इस संदर्भ में मनपा आयूक्त चन्द्रकांत डांगे ने रात में 2 घण्टे बेकरी खुली रखने के अपना फैसला अबतक बदला नही है।

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