मीरा भाईंदर(सिटी न्यूज़ मुंबई) मीरा भाईंदर के सब से बड़े माने जाने वाले भक्तिवेदांत की लापरवाही और आम जनता की जान से खिलवाड़ का मामला सामने आया है।पिडीत ने बताया कि उन्हें झूठ बोलकर डिस्चार्ज दिया गया की उनकी पत्नी व बेटे की रिपोर्ट 17 तारीख को आने के बाद 19 तारीख को डिस्चार्ज दिया गया है जबकि पत्नी की रिपोर्ट निगेटिव्ह आई थी।
भक्तिवेदांत में नियमित इलाज कराने वाली महिला अपने 5 वर्षीय बच्चे को टाइफाइड का इलाज कराने गयी थी । उन्होंने आरोप लगया की अस्पताल में जबरन कोविड 19 टेस्ट कराया गया यह आरोप भी उनके पती लगा रहे है पीड़ित के पती का कहना है कि उनके बेटे को टाइफाइड हुआ था इस लिए भक्तिवेदांत अस्पताल जाने के बाद उन्हें कहा गया माँ बेटे का पहले कोविड टेस्ट कराओ तब ही इलाज किया जायेगा। जिस के बाद उन्होंने टेस्ट करवाया 15 एप्रेल को दोपहर 12 से 1 बजे की बीच भर्ती हुए थे।16 तारीख को 2 से 3 बजे के बीच कोविड 19 टेस्ट किया गया। जिस की रिपोर्ट 17 एप्रेल को आ गयी थी। पत्नी पोजिटिव्ह और बेटा निगेटिव्ह है।
माँ बेटे की रिपोर्ट आने के बाद भी उन्हें 19 एप्रेल को दोपहर 3 बजे के आसपास डिस्चार्ज कर दिया गया था

20 तारीख को शाम को काशिमिरा पुलिस स्टेशन से फोन आया और पूछा गया कि उनकी पत्नी ने कही सफर किया क्या ? और उन्हें बताया गया कि उनकी पत्नी पोजिटिव्ह है।
मनपा अधिकारियों को खबर लगने के बाद उक्त महिला को टेम्बा 21तारीख को असप्ताल में भर्ती किया गया तथा उसके परिवार के सदस्य 5 ,8 ,12 वर्ष के बच्चे व 44 वर्षीय पती को मनपा कवारेंटाइन सेल में रखा गया है।
पीड़ित ने सिटी न्यूज़ मुम्बई से बातचीत करते हुए कहा कि मेरी पत्नी को कोरोना टेस्ट पोजिटिव्ह रहने के बावजूद छोड़ा गया है। निजी लैब की रिपोर्ट को 6 दिन नही लगते है। जबकि लैब की रिपोर्ट पर 17 तारीख को रिलीज करने का समय और दिन भी लिखा गया है,फिर भी भक्ति वेदांत अस्पताल ने उन्हें 19 एप्रेल को निगेटिव्ह रिपोर्ट आई कहकर डिस्चार्ज कर दिया है ऐसा आरोप लगया है।
आज तक भी मुझे मेरे बच्चे और पत्नी की कोविड19 टेस्ट रिपोर्ट भक्तिवेदांत अस्पताल द्वारा दी नही गयी है। टेस्ट के 9 हजार रुपया एडवांस में ही वसूला गया है।उन्होंने कहा कि भक्ति वेदांत अस्पताल में हमारे परिवार की जान के साथ खिलवाड़ किया है । जब मेरी पत्नी पोजिटिव्ह थी तो उसे डिस्चार्ज देकर मेरे पूरे परिवार व बिल्डिंग को खतरे में डाल दिया है।इस के लिए उनपर कार्यवाही होना चाहिए।आज उन्हें मनपा के कवारेटाइन में रहने की नोबत आयी है।
यह सब भक्ति वेदांत असप्ताल की ला परवाही का नतीजा है कोविड19 पेशेन्ट को डिस्चार्ज किस बिना पर दिया गया सवाल खड़े हो रहे है।भक्तिवेदनात अस्पताल को लेकर मनपा आयूक्त के पास लगातार शिकायते प्राप्त हो रही है लेकिन अबतक भक्तिवेदांत अस्पताल को सील नही किया गया है वहा पर स्टाफ़ और अन्य पेशेन्ट बाधित होने के बाद सिर्फ अस्पताल को सेनिटाइज किया गया है ऐसा सूत्रों का कहना है।
इस सन्दर्भ में सिटी न्यूज़ मुम्बई ने भक्ति वेदांत अस्पताल के डीन डॉ अजय सँखे से जानकारी लेने और बातचीत करने की 3 बार कोशिश की थी उन्होंने फोन नही उठाया मेसजे करने के बाद करीब साढ़े तीन घण्टे के बाद उनका फोन आया तो उन्होंने कहा कि रिपोर्ट आने में समय लगता है रिपोर्ट सेंटरलाइज होती है।आने में समय लगता है पेशेन्ट को भी समझना चाहिए कि हम किसी के साथ इस तरह का बर्ताव नही कर सकते ।जबकि पीड़ित ने पोजिटिव्ह होने की पुष्टि होने के बाद भी अस्पताल ने उन्हें डिस्चार्ज दिया कैसे सवाल किया सिटी न्यूज़ मुम्बई से बातचीत करते हुए उन्होने कोविड19 पोजिटिव्ह रिपोर्ट की कॉपी भी दी है।

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