डोली कहार के माध्यम से लड़की की हुई विदाई जनप अमेठी से बड़ी खबर*. (अशोक पाण्डेय अमेंठी से सिटी न्यूज मुम्बई के लिए )

अमेठी के विकास खंड जामो के गांव भवन शाहपुर के राजकुमार सिंह की पुत्री दीपिका सिंह की शादी अजय प्रताप सिंह पुत्र स्वर्गीय श्री शीतला सिंह ग्राम कल्याणपुर विकासखंड जामो जनपद अमेठी के साथ में सुनिश्चित हुई कल्याणपुर के स्वर्गीय श्री शीतला सिंह के पुत्र कप्तान सिंह जनपद अमेठी अपने भाई की शादी गांव भवन शाहपुर से निश्चित किया वह भी मात्र ₹11 लेकर के दहेज रहित और बड़ी धूमधाम से अपनी भाई की शादी उन्होंने निश्चित की और बारात गांव से लगभग 2 किलोमीटर की दूरी पर लड़की का गांव पड़ता था उन्होंने बारात डोली कहार के माध्यम से निकाली जिसे देखने वालों का तांता लगा हुआ था यही नहीं दूसरे दिन बारात के उपरांत जब लड़की की विदाई का समय आया तो भी दरवाजे पर पीनस मियाना डोली रखा हुआ देखकर के कई गांव के लोग देखने के लिए आने लगे और लड़की की विदाई डोली कहार के माध्यम से हुई इस मौके पर जब इस संवाददाता ने कप्तान सिंह से पूछा तो उन्होंने बताया कि फिल्मों में हम देखा करते थे कि डोली कहार के माध्यम से विदाई लड़की की होती है तो मुझे बहुत अच्छा लगा और पुरानी परंपरा मुझे बहुत ही अच्छी लगती थी जो लुप्त होने के कगार पर पहुंच रही थी इसलिए हमने इस परंपरा को फिर से शुरू करने के लिए निश्चय किया और आज हमारी दिली तमन्ना थी कि हम अपने भाई की दुल्हन को डोली कहार के माध्यम से विदा करायेंगें जिसकी परिणति आज सामने है उन्होंने यह भी बताया कि पीनस खोजने में काफी खोज वीन करनी पड़ी राजभवन जामो में पीनस मिला जो जर्जर हालात में था उसे ठीक से मरम्मत करा कर ठीक कराया जो बहुत बढ़िया हो गया है जब लड़की की विदाई हुई तब देखने वालों का तांता लग गया और जिस रास्ते से डोली को चार कहार दुल्हन को लेकर के जा रहे थे उस रास्ते से आगे आगे दूल्हा घोड़े पर सवार होकर के चल रहा था उसके पीछे डोली पर दुल्हन को लेकर कहार चल रहे थे उसके पीछे बैंड बाजा बज रहा था और साथ ही लोग डांस करते हुए चल रहे थे और सबसे पीछे फूलों से सजी हुई कार चल रही थी जिस पर बेचारा ड्राइवर अकेले बैठा था पहला मौका था जब सजी हुई कार पर दूल्हा और दुल्हन में से बैठने वाला कोई नहीं था दुल्हन के दरवाजे पर भी यह कार बेचारी सबसे किनारे खड़ी थी जिसको पूछने वाला कोई नहीं था इस हालात में पहुंच गई दूल्हे और दुल्हन कि यह कार जिस पर लोग बैठने के लिए लालायित रहते हैं इस बारात में दूल्हे और दुल्हन ने इसे हाथ ही नहीं लगाया कुछ लोगों ने यह भी कहा भैया कार पर तो रोज बैठते हैं लेकिन डोली में मियाना बड़े सौभाग्य से मिलता है लड़की के विदाई अस्थल से लड़के का गांव ढाई किलो मीटर पर था इस बीच में कई गांव पड़ते थे गांव के किनारे और खेत खलिहान के किनारे खड़े होकर के डोली कहार की विदाई को देखने के लिए खड़े हो कर के देख रहे थे और रास्ते में बराती लोग जो पैदल ही चल रहे थे फूलों की वर्षा भी करते हुए चल रहे थे और गांव के किनारे लोग महिलाएं पुरुष और बच्चियां खड़े होकर के अपने मोबाइल से वीडियो भी बना रहे थे कार्यक्रम देखने में बहुत अच्छा लगा इस संवाददाता को बहुत से लोगों ने बताया कि अब हम भी अपने लड़के और लड़की की विदाई डोली कहार के माध्यम से करेंगे इस मौके पर दूल्हा अजय प्रताप सिंह दुल्हन दीपिका सिंह दूल्हे के भाई कप्तान सिंह समाजसेवी संग्राम सिंह रुपेश श्रीवास्तव सहित अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद थे और डोली के इस विदाई की बेला पर यह पत्रकार अशोक पांडे अमेठी भी मौजूद रहा ढेर सारी बाराती मौजूद रहे जोरावरपुर के पास में कुछ लोगों ने कहा देखो रे भैया फिर से डोली मियाना में विदाई होने लगी लड़की के घर से जब कहार लोग डोली को उठाने लगे तब यह गाना बजा चलो रे डोली उठाओ कहार सुनकर के बहुत ही अच्छा और सच्चा लगा फिलहाल देश में यह प्रथा लगभग लुप्त हो चुकी है लेकिन जनपद अमेठी के कप्तान सिंह ने इस प्रथा को फिर से शुरू कर दिया है लोगों ने उन्हें बहुत बधाई दी है और डोली पर सवार होकर के दुल्हन भी उनके घर पहुंच चुकी है

जिला अमेठी से अशोक पांडेय की रिपोर्ट

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