कुछ इस तरह से उड़ान भरा जनपद अमेठी . गांधी परिवार के  पैर पड़ते ही बंजर अमेठी बन गया स्मार्ट, विकसित, उद्योग नगरी . गाँधी परिवार को अमेठी वासियो का दिली समर्थन से भाजपा की दाल यहां अबतक गल नही पायी।

कुछ इस तरह से उड़ान भरा जनपद अमेठी .

गांधी परिवार के  पैर पड़ते ही बंजर अमेठी बन गया स्मार्ट, विकसित, उद्योग नगरी .

गाँधी परिवार को अमेठी वासियो का दिली समर्थन से भाजपा की दाल यहां अबतक गल नही पायी।
              {अशोक पाण्डेय,शकील शेख  }
 
जनपद अमेंठी कुछ इस तरह से यानी संसदीय क्षेत्र अमेठी उड़ान भर रहा है संजय गांधी ने जिस अमेठी में कदम रखा था उसे लोग ऊसर रीकड़ ताल बंजर के नाम से जाना करते थे जहां दूर-दूर तक सड़कें नहीं हुआ करती थी
 फैक्ट्रियों की कोई बात ही नहीं थी आवागमन के साधन के तौर पर लढिया आदि हुआ करती थी उस अमेठी में संजय गांधी ने जहां विकास का खाका खींचा विकास के दौर ही कुछ शुरू किए कि काल के गाल में चले गए
संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ करके राजीव गांधी संसदीय क्षेत्र से सांसद चुने गए अमेठी संसदीय क्षेत्र से ही लोकप्रिय भारत के प्रधानमंत्री बने विज्ञान गाव की ओर नारा दिया कर भी दिखाया उन्होंने अमेठी में जहां सड़कों का जाल बिछाया और कई फैक्ट्रियों की जनपद अमेठी यानी तात्कालिक संसदीय क्षेत्र अमेठी को सौगात दी वह अमेंठी को दिल से चाहते थे अमेंठी को मुम्बई बनाना चाहते थे अमेठी में बी एच ई एल ,एच ए एल एसीसी सीमेंट फैक्ट्री, शक्तिमान यूरिया कारखाना,उषा फैक्ट्री आरिफ पोर्टलैंड सीमेंट स्टील अथॉरिटी आफ इंडिया, गन फैक्ट्री कोरवा, सेना भर्ती केंद्र, जैसे तमाम कार्यालय जनपद अमेठी/संसदीय क्षेत्र में धीरे से धीरे से ही सही रन करने लगे जिसमें से आरिफ पोर्टलैंड सीमेंट तो बंद हो चुकी है लेकिन कई तमाम और कंपनियां जनपद अमेठी में रन कर रही है जिला सुल्तानपुर था अधिकारी पहुंच नहीं पाते थे अव्यवस्था थी अब जिला हो जाने पर अधिकारी की भी नजर रहती है पर अमेठी देश दुनिया में विख्यात है लोग तमाम देशों का नाम भले न जाने लेकिन जनपद अमेठी/ संसदीय क्षेत्र राजीव गांधी का क्षेत्र अमेठी को लोग जानते हैं राजीव गांधी खेत खलिहानों तक पहुंचा करते थे तमाम केंद्रीय मंत्री अमेठी के विकास के लिए अमेठी में डेरा डाले रहते थे  मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी हुआ करते थे और भी प्रदेशों के मुख्यमंत्री अमेठी में दस्तक दिया करते थे  और विकास योजनाओं की गंगा बहाते थी  जिसमें से तमाम योजनायें परवान नहीं चढ़ सकीं अमेठी के विकास पुरुष राजीव गांधी की मृत्यु के बाद में अमेठी के विकास का मसीहा ही चला गया उस जैसे विकास के लिए आज भी अमेठी तरस रहा है यदि आज  राजीव गांधी जीवित होते  तो भारत में अमेठी संसदीय क्षेत्र का कोई जोड़ नहीं होता अमेठी में एम्स केंद्रीय विश्वविद्यालय मेडिकल कॉलेज ट्रामा सेंटर  पीजीआई तक भी अमेठी में बन चुका होता संसदीय क्षेत्र अमेठी में विश्वस्तरीय सुविधाओं से अमेठी लैस सो चुका होता आज मांगने पर भी कोई देने वाला नहीं है संसदीय क्षेत्र से उनकी मृत्यु उपरांत अमेठी संसदीय क्षेत्र से राजीव गांधी के मित्र सखा कैप्टन सतीश सतीश शर्मा सांसद बने उन्होंने भी अमेठी में ढेर सारे विकास किया पेट्रोल टंकी का जाल बिछाया़ गैस सिलेंडर जनपद अमेठी में तब लोगों को नहीं मिला करते थे पहली बार उन्होंने अधिकांश घरों में गैस सिलेंडर पहुंचाने का काम किया  आज भी लोगों ने याद करते हैं  फिर सोनिया गांधी अध्यक्ष तो बनी ही और सांसद भी बनी और उन्होंने नेता विपक्ष का भी पद सुशोभित किया खुद ना प्रधानमंत्री बन कर के दूसरे को भी प्रधानमंत्री बनाया ऐसी संसदीय क्षेत्र अमेठी जहां बाबा सिद्ध दास का आध्यात्मिक केंद्र है वही बाबा मदारी शाह का भी आध्यात्मिक केंद्र है दुर्गन भवानी भवानी का दार्शनिक धार्मिक स्थल भी  और अहोरवा भवानी का शुभ दार्शनिक स्थल मंदिर यहीं पर और दादरा स्थित हिंगलाज भवानी का शुभ विख्यात धार्मिक स्थल इसी संसदीय क्षेत्र में है इसी संसदीय क्षेत्र अमेठी में स्वामी परमहंस का आश्रम सिद्धपीठ भी है इसी संसदीय क्षेत्र में यादवों का महाकुंभ कहा जाने वाला नंद महर धाम भी मौजूद है संसदीय क्षेत्र में स्वेत बराह  के रुप में भगवान विष्णु ने अवतार लिया था डंडेश्वर महाराज में यहीं पर मौजूद है मायावती ने इस जनपद को क्षेत्र छत्रपति शाहूजी महाराज नगर के नाम से जहां जनपद बनाया एम पी अग्रवाल डीएम बने पीयूष आनंद एस पी  बने इस जनपद को अमेठी नाम दिया जा चुका है आज यह जनपद यानी वीआईपी क्षेत्र अमेठी जनपद अमेठी के नाम से जाना जाता है जनपद अमेठी में आज जिलाधिकारी पुलिस अधीक्षक मुख्य विकास अधिकारी जैसे तमाम पद सृजित होने के बाद भी सभी कार्यालय लगभग संचालित हो चुके हैं वहीं जनपद में जिला चिकित्सालय के निर्माण का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है वहीं पर कलेक्ट्रेट भवन का निर्माण भी अंतिम चरण में चल रहा है दीवानी न्यायालय के लिए जमीन अधिग्रहित करके बाउंड्री हो चुकी है निर्माण उसके लिए भी धन आवंटित नहीं हुआ है जिला न्यायाधीश की तैनाती है मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय बनकर करके चल रहा है जनपद में पोस्टमार्टम हाउस भी बनकर करके चल रहा है दीवानी न्यायालय चलाने की कवायद जारी है जनपद में जेल के निर्माण कार्य के लिए भी जमीन अधिग्रहित की जा चुकी है इसके लिए किसानों को धन दिया जा चुका है कई और अन्य कार्यालय के निर्माण कार्य और जमीन के अधिग्रहण की कार्रवाई अंतिम चरण में चल रही है एस पी कार्यालय के लिये जमीन तय हो चुकी है  बनना बाकी है आज जनपद अमेठी कई फैक्ट्रियों के साथ में गोमती सई जैसी नदियां इस जनपद में मौजूद है इसी क्षेत्र में इंदिरा गांधी उड्डयन अकादमी और इंदिरा गांधी नेत्र चिकित्सालय भी मौजूद है अमेठी संसदीय क्षेत्र से कुमार विश्वास , पासवान,  मेनका गांधी , राजमोहन गांधी ,काशीराम ,वेंदांती, जैसे कई वरिष्ठ नेता /संत चुनाव लड़ चुके हैं  गांधी परिवार के  लिए संसदीय क्षेत्र बहुत मायने रखता है  संसदीय क्षेत्र अमेठी में कांग्रेस को घेरने के लिए विश्वनाथ प्रताप सिंह लालकृष्ण आडवाणी अटल बिहारी वाजपेई मायावती शरद पवार मुलायम सिंह यादव और वर्तमान में स्मृति ईरानी लगी है लेकिन अब तक यहां से गांधी परिवार के अतिरिक्त रविंद्र प्रताप सिंह और और संजय सिंह मात्र विपक्षी सांसद चुने गए कांग्रेस का एकछत्र राज्य यहां पर रहा है सोनिया गांधी  मेनका गांधी  राजीव गांधी संजय गांधी प्रियंका गांधी वरुण गांधी  यहां की गांव-गांव गलियों गलियों में टहले हैं  फिलहाल वर्तमान में यह संसदीय क्षेत्र एक मेडिकल कॉलेज और एक विश्वविद्यालय के लिए  छटपटा रहा है  स्मृति ईरानी इसी संसदीय क्षेत्र से  राहुल गांधी को परास्त करने के लिए दम भर रही है अमेठी वासी उनसे एक केंद्रीय विश्वविद्यालय  व मेडिकल कॉलेज मांग कर रहे हैं हालांकि वह कई मंत्रालय की मंत्री रह चुकी है लेकिन उन्होंने अपने मंत्रालय से यहां कोई फैक्ट्री आदि की सौगात अभी तक नहीं दी है  कृषि विज्ञान केंद्र जरूर उनकी देन है लेकिन अमेठी से आईटी कॉलेज टी़करमाफी खत्म उन्होंने ही किया जनपद वासी उनसे से उम्मीद करते हैं कि इस संसदीय क्षेत्र को वह मेडिकल कॉलेज व केंद्रीय विश्वविद्यालय की सौगात जरूर दें इस तरह से जनपद अमेठी वर्तमान में वास्तव में यह जनपद वीआईपी क्षेत्र कहलायेगा क्या स्मृति ईरानी यह सौगात जनपद वासियों को देंगी यह वक्त बताएगा जिला बने हुये इतने दिन हो चुका है जनपद में दीवानी जल्दी चले इसके लिए भी लोग स्मृति ईरानी से पुरजोर मांग करते रहे हैं लेकिन दिवानी ना चलने से जनपद अमेठी वासी गैर जिलों का चक्कर लगाने के लिए मजबूर हैं अब सवाल उठता है क्या बहुत जल्दी जनपद अमेठी में दीवानी न्यायालय चल सकेगा ए भी वक्त बताएगा चुनाव नजदीक है,राहुल गाँधी भी अपने माता पिता के कदम से कदम मिलाकर एक वक्त के पिछड़े गाँव मे रम कर घर किसानों से लेकर पूंजीपतियों के चहेते बने हुए हैआज  भी उनका संपर्क जनपद  अमेठी से बराबर है,उन्हें घेरने के लिए भाजपा ऐड़ी चोटी का पूरा जोर लगाकर उन्हें हराने की कोशिशें करती आई है लेकिन उन्हें यह पर राहुल गांधी के सामने मुंह की खानी पड़ी है,
भाजपा ने छोटे परदे की कभी सास भी बहू थी कि स्टार व फ़िलहाल केंद्र में कैबिनेट मंत्री स्मृति इरानी को राहूल गांधी का मुकाबला करने के लिए छोड रखा है लेकिन उनहे कोइ सफलता मिलने के कोई आसार नही है,
जनपद अमेठी में गांधी परिवार को स्थानिय आम जनता का विशेष  दिली समर्थन है,गांधी परिवार के हर सुख दुख के साथी अमेठी वासी है,जिस के चलते मोदी लहर में भी राहुल गांधी के सामने भाजपा पत्ते की तरह बिखर गई है।
 राहुल  गांधी का यहां पर जमीन पर बैठ कर आम आदमी के साथ जनता दरबार लगाकर उनकी समस्या का समाधान से लेकर मेडिकल ,चिक्तिसा, के लिए दिल्ली हो या मुंबई में हर संभव मदद करते है,जिस के कारण यहाँ पर अमेठी वासीयो को गांधी परिवार मे अपनापन लगता है,अपनी सीधी बात वह राजू गांधी ,इंद्रा गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका वढेरा, तक आसानी से पोहंचा सकतें है,गांधी परिवार भी अमेठी को अपना परिवार समझता आया है,

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here