अहिंसा के पुजारी बने हिंसक . जैन महिलाओं  ने निकाली चप्पले. मन्दिर में ही एक दूसरे से भिड़े जैन समुदाय के लोग.

मीरा भाईंदर (सिटी न्यूज़ मुम्बई) अपने आप को अहिंसा के पुजारी बताने वाले धर्मसत्ता के लिए कितने हिंसक हो सकते है इस का जीता जागता जैन समुदाय का भाईंदर में उदहारण देखने को मिला है,मामला पुलिस तक जा पुहंचा तो मीडिया से पुलिस ने सहकार्य की अपेक्षा की तो आपसी मारामारी  गालीगलौच के चलते भाईंदर पुलिस को 4 लोगो के खिलाफ एफ आई आर दर्ज करनी पड़ी है।
 जैन धर्म गुरु मुनी भूषण विजयी की पिटाई की गई ऐसी अफवा फैलने से सैकड़ो समर्थक श्री पार्श्व  शेवतम्बर मन्दिर पूजक संघ संयोजित सीमाध मंदिर में आ धम्मके, इस मंदिर में मिलने वाले चंदे व अन्य रुपयों को लेकर नए ट्रस्टी व पुराने ट्रस्टीयो में जबरदस्त तू तू में में हो रही थी मामला यहाँ तक पोहच गया कि जैन महिलाओ ने अपनी पैर की चप्पल तक निकली पिटाई केलिए,
 मुनि भूषण विजयी ने एक समुदाय की तरफदारी की तो उन्हेंभी खरी खोटी सुनाते हुए सियासी झमेले में ना पड़ने की सलाह दी गयी वह सिर्फ धार्मिक मामलों पर ही ध्यान दे कहते हुए उन्हें भला बुरा कहा गया,
जैन समुदाय के दो गूठो में मन्दिर में आने वाले डोनेशन का हिसाब किताब को लेकर नए व पुराने ट्रस्टियो के बीच तनाव के चलते दो धड़ो में जबरदस्त हंगामा हुआ, जिस के चलते भाईंदर पुलिस को मदन जैन,अमृत जैन,विमल जैन,विजय जैन के खिलाफ एफ आई आर दर्ज करते हुए गिरफ्तार कर लिया है। यह मामला एक अक्टूबर को भाईंदर में हुआ है,जैन समुदाय अहिंसा का पुजारी होने की दुहाई देता है जबकि असलियत में मन्दिर में आने वाले चंदे के हिसाब किताब में गड़बड़ का आरोप लगते ही दोनों ट्रस्टी आपस मे भीड़ते हुए हिंसक बन गए,मन्दिर जैसे पवित्र स्थान पर धर्म गुरु की बीईज्जती करने के अलावा महिलाओ द्वरा चप्पल मारने केलिए निकाला जाना जैन समुदाय  अहिँसा के पुजारियों की हिसंक घटना को अंजाम देने क्या योग्य था जैन समुदाय मे चर्चा का विषय बना हुआ है,

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