मीरा भाईंदर (city news mumbai shakeel shaikh) नगर पालिका द्वरा उत्तन में कत्ल खाना बनाने की बात चली है तब से जैन समाज को ध्यान में रखते हुए पूर्व महापौर व विधायकी के लिए रेस में रहने वाली नगरसेविका गीता जैन ने  धर्मस्थापानार्थ  के नाम से स्वयं की तस्वीर वाली बड़े बड़े बैनर लगाकर कर भाजपा के खेमे में हलचल मचा दी है जिस से शर में चर्चा हो रही कि  विधायक की भूमिका से जैन समाज खतरे में आ गया है ? ऐसे अनगिनत सवाल उठाए जा रहे है फिलहाल शहर में धर्मस्थापानार्थ वाला गीता जैन का बैनर चर्चा का विषय बना हुआ है।
 धर्मस्थापानार्थ के बैनर से  सब से ज्यादा तकलीफ भाजपाईयो के विधायक ग्रुप को हो रही है , गीता जैन के इस पोस्टर से एक ओर जैन समाज अपने आप को सुरक्षित महसूस कर रहा है तो दुसरा ग्रुप का कहना है कि यह सब चुनावी स्टंट है,
 धर्मस्थापानार्थ बैनर से शहर में चर्चा हो रही कि क्या गीता जैन दिक्षा लेकर जैन समाज की सेवा में पूरी तरह से जुटने वाली है!या फिर विधायक नरेंद्र महेता जोकि जैन समाज पर अपना हक जताते है उनके वोंट बैंक में सेंध लगाने लिए गीता जैन ने यह चाल चल कर विधायक नरेंद्र महेता को घायल किया है।
 जैन धर्म मे पूरी तरह से समाई गीता जैन को जैन समाज मे आधार का स्थान प्राप्त है,जिस के चलते कत्ल खाने के संदर्भ में जब से समाना अखबार में समाचार प्रकाशित हुआ तब से गीता जैन ने जैन समाज के लिए कमर कस ली है।
 वही दूसरी ओर विधायक समर्थक इस बैनर पर तंज कस रहे है,जैन समाज के पत्रकार का तो यहां तक कहेना था कि गीता जैन राजाओं की आलीशान कुर्सी पर बैठ कर धर्म की रक्षा करेंगी क्या?
  वही दूसरी ओर अन्य एक जैन समाज के व्यापारी का कहना है कि गीता जैन की पूरा परिवार जैन समाज से तालुक रखता है,हम अपनी बात उनतक सीधी पुहंचा सकते है,धर्म के मामले में उनपर विशवास किया जा सकता है।
 धर्मस्थापानार्थ के बैनर पर सिटी न्यूज़ मुम्बई द्वरा पूर्व महापौर गीता जैन से संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन उनकी प्रतिक्रिया नही मिली है ।
 धर्मस्थापानार्थ के बैनर गीता जैन के लगाए जाने से विधायक नरेंद्र महेता ग्रुप के बैनर कार्यकर्ता भी जवाब देने के लिए आतुर है , भाजपा की अंतर कलाह ,गुठबाजी चरम सीमा पर पुहंच गयी है,मीरा भाईंदर भाजपा दो धड़ो में बंट गया है,पूर्व महापौर गीता जैन को खुला समर्थन करने वाला के एक भाजपाई ग्रुप है,तो दूसरी ओर आक्रमक ग्रुप विधायक के साथ है,
 भाजपा की अन्तर्गत फुट का लाभ ना तो कोंग्रेस और ना तो शिवसेना ले पा रही है,मीरा भाईंदर शहर में पूरी तरह से विधायक नरेंद महेता की पकड़ में है, नरेंद्र महेता की पकड़ को ढिल्ली करने के लिए गीता जैन ने भी कमर कस ली है उन्हें भी केंद्रीय सीनियर मंत्री का समर्थन प्राप्त है,अब देखना यह कि गीता जैन विधायकी का टिकट भाजपा से ले पाने में कितनी सफल होती है,यह तो आने वाला समय ही बताएगा,चर्चा तो यह भी की अगर गीता जैन को 145 मतदार संघ से टिकट भाजपा नही देती है तो फिर वह कोंग्रेस के टिकट से विधान सभा का चुनाव लढ़ सकती है,उन्हें जैन समाज के वोंट के साथ अल्पसंख्यक समाज ,व्यापारियों वर्ग का भी साथ मिल सकता है,जिस से नरेंद्र महेता के लिए काफी बढ़ी चुनोती साबित हो सकती है,चर्चा  तो यह है कि भी की  विधायक नरेंद्र महेता को सांसद का टिकट देकर दिल्ली भेजा जाए और उनकी पत्नी को विधायकी का टिकट दिये जाने की चर्चा जोरों पर है।इन सब अटकलों के बीच गीता जैन अपने लिए सियासी जमीन को हमवार करने में जुट गई है,जोकि विधायक नरेंद्र महेता के लिए खतरे की घण्टी मानी जा रही है।

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