मुंबई,(सिटी न्यूज़ मुंबई)अब की बार एस टी महा मण्डल की बस पर 30 फीसद महँगाई की मार ग्रामीण जनता के सर थोपने की राज्य सरकार की मंशा पर कार्य शुरू हो गया है,बस महा मण्डल के अध्यक्ष की मान्यता के लिए प्रस्ताव भेजा गया है।प्रस्ताव को मंजूरी मिलते ही सार्वजनिक हित के लिए चलाई जाने वाली सरकारी बसों पर कमर्शियल नजर से 30 फीसद किराया बढ़ाकर आम जनता के सर पर थोपा जाने वाला है।
ईंधन (डीजल) कीमतें बढ़ रही,जिस से आगामी वित्तीय बोझ बढ़ रहा है साथ ही कर्मचारियों का वेतन, टोल दर में वृद्धि में ऑटो पार्ट्स के बढ़ रहे दाम के चलते प्रशासन ने एसटी महामंडल के अध्यक्ष को 30% टिकट वृद्धि का प्रस्ताव प्रस्तुत किया है। जिसे एस टी महामण्डल के अध्यक्ष की मंजूरी के बाद लागू किये जाने की संभवना व्यक्त की जा रही है,इस वर्द्धि से सब से ज्यादा मार गरीब को पढ़ने वाली है,बस का टिकट सीधे 30 फीसद ज्यादा दर से सफर करने पर मजबूर आम जनता को होना होंगा।

डिझेल पेट्रोल की लगातार बढ़ रही कीमत के चलते महा मण्डल को 470 करोड़ रुपए की अतिरिक्त राशि खर्च करने के लिए चाहिए, इस के अलाव कचारोयो के वेतन वृद्धि के लिए भी इतनी ही राशि की आवश्यक्ता है अधिक इसके अलावा, राजमार्ग पर लगने वाले टोल दरों में भी वृद्धि हुई है बस को लगने वाले खुले पार्ट्स खरीदने के लिए अधिक राशि की आवश्यकता है।
एस टी म्हांण्डल को 2200 करोड़ का आर्थिंके नुक्सानहो रहा है ऐसा बताया जा रहा है,जिस का बोझा आम जनता के सर थोपा जाने वाला है जिस के चलते आम गरीब किसान से लेकर आम जनता को अब बस से सफर करने के लिये अधिक 30 फीसद राशि अदा कर के ही सफर करना होंगा। राज्य सरकार एस टी माह मण्डल को आर्थिक मदद नही कर पा रही है उलेखनीय है कि परिवहन मंत्री ने स्वयं राज्य सरकार से डिझल पर राज्य सरकार के लगने वाले टेक्स पर छूट मांगी थी जिसे सरकार ने नही दिया है।

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