पुलिस महानिरीक्षक नवल बजाज के हाथों व्यसनमुक्ति काउंसिलिंग सेंटर का उदघाटन नयानगर पुलिस का थाने का अनूठा उपक्रम, नशे की खिलाफ मुहिम तेज़

मीरारोड (सिटीन्यूज़ मुम्बई)- समाज मे एक बीमारी की तरह फैले नशे के कारोबार को खत्म करने के साथ साथ नशाखोरों की नशे की लत से भी आज़ादी दिलाने का अनूठा प्रयास और एक पहेल पुलिस और डॉक्टर्स द्वारा की जारही है और भविष्य में जरूरत पढ़ने नशेड़ियों से नशा छुड़ाने के लिए और भी उचित व कारगर कदम उठाए जाएंगे। इस तरह का विश्वास कल मीरारोड के शांति नगर स्थित व्यसनमुक्ति समुपदेशन केंद्र के उद्घाटन के दौरान कोकण परिक्षेत्र के विशेष महानिरीक्षक (आईजी) ने जताया।

     मीरारोड के नयानगर पुलिस थाने अंतर्गत शांतिनगर पुलिस चौकी में कल आइजी नवल बजाज के हाथों व्यसनमुक्ति समुपदेशन केंद्र (व्यसनमुक्ति कॉउंसलिंग सेंटर) का उद्घाटन किया गया। इस दौरान विशेष महानिरीक्षक नवल बजाज में सिटी न्यूज़ से बताया कि नयानगर क्षेत्र में नशाखोरी की काफी शिकायते मिल रही थी। नयानगर पुलिस थाने के इंचार्ज नव नियुक्त वपुनि बालाजी पांढरे ने नशाखोरों और नशे के कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई तेज़ करदी है लेकिन कार्रवाई के बाद भी पर्याप्त नतीजा नही निकल पा रहा था जिसके चलते कब पुलिस डॉक्टर्स की टीम के साथ मिलकर नशाखोरों की काउन्सलिंग करेगी। नशे की लत से न केवल समाज मे बुराईया बढ़ती जारही है अपितु जीवन भी अंधकारमय और बीमारी से जकड़ कर खत्म होने के कगार पर चले जाता है। इसलिए अब मीरारोड के कुछ समाजसेवी डॉक्टर्स की मदद से और नशेड़ियों के घरवालों की मदद से नशेड़ियों को सुधारने का कार्य किया जा रहा है। नशेड़ियों को एक आरोपी की तरह नही बल्कि एक फरयादी की तरह ट्रीट किया जारहा है ताकि किसी तरह वो नशे की लत से बाहर निकले और समाज सुधारने में आसानी मिले। बजाज ने ये भी बताया के पुलिस नशेड़ियों को पकड़ पकड़ कर जेल में डालती है परंतु १०-१५ दिन के बाद जेल से रिहाई के बाद फिर नशेड़ी इलाके से दूर जाकर नशा करते है। नशेड़ियों की लत छुड़ाने के लिए पुलिस सामाजिक संस्था और डॉक्टर्स की मदद से नया उपक्रम करने जारही है इस तरह की बात भी बजाज ने कही.

  पुलिस द्वारा नशेड़ियों कॉउंसलिंग सेंटर  में नशेड़ियों की आदत और लत छुड़ाने के लिए साथ ही समाज सुधारक कार्य में हमेशा आगे रहने वाले मशहूर डॉ. दानिश शकेब, डॉ. एजाज ए खान, डॉ.  दाऊद बेग, डॉ. अब्दुल खालिक ने सिटी न्यूज़ से बताया की वे काफी दिनों से शहर के नशेड़ियों को नशे की लत छुड़ाने के लिए प्रयासरत थे। अब पुलिस की मदद भी मिल गयी है। डॉक्टर्स की टीम ने बताया कि नशेड़ियों में अधिकतर स्कूल कॉलेज के विद्यार्थी है। उनके माता पिता को नही पता कि उनका बेटा किस माहौल में रह रहा है उसकी दोस्ती कैसे लड़को के साथ है। माँ बाप को भी चाहिए के वे अपने बच्चो के शिक्षा के साथ साथ सेहत पर भी ध्यान दे। शुरुवात में तो बच्चे काम मात्रा में नशा लेते है बाद में वे नशे के आदि हो जाते है तबतक बहुत देर हो चुकी होती है। फिर भी नशेड़ियों की नशे की लत से छुटकारा देने हेतु उन्हें पालक के साथ मिलकर उनका जहन बनाने को कोशिश की जारही है साथ ही नशे से मुक्ति के लिए उन्हें मुफ्त में दवाईया और साइकेक्ट्रिक डॉक्टर्स की मदद ली जारही है इस तरह की जानकारी भी टीम ने दी।

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