जंगम और सुवर्णा ने कल समिति में पेश किये जाती प्रमाणपत्र के सबूत

मिरारोड़ (सिटी न्यूज़ मुंबई)- १५ दिनों से मिराभाईन्दर मनपा में सत्ताधारी और प्रशासन के बिच चल रहा युद्ध अभी ख़त्म हुआ ही था की मेयर पद पर कारवाई की तलवार लटक गयी है| मेयर डिंपल मेहता का पद खतरे में आगया है| डिंपल मेहता के जाती प्रमाणपत्र पर आक्षेप लेते हुए जिद्दी मराठा प्रतिष्ठान के प्रदीप जंगम और पूर्व नगरसेवक रोहित सुवर्णा ने जात पड़ताल समिति में शिकायत दर्ज की थी जिसकी सुनवाई कल मुकम्मल होगयी है और समिति ने २० फरवरी तक अपना फैसला सुरक्षित रखा है| इस बिच में दोनों समाजसेवको ने बताया की कल सोमवार को हुयी आखरी मीटिंग में मेयर की ओर वकील उनके पति और कुछ लोग थे जिन्होंने अपना पक्ष रखा जबकि सुवर्णा और जंगम के अनुसार उन्हें पूरा विश्वास हो गया है की मेयर डिम्पल मेहता का पद जायेगा क्योंकि जो दस्तावेज उन्होंने चुनाव के दौरान इलेक्शन कमिशन में दिए थे वे बोगस और झूट थे
ज्ञात हो की ५ माह पूर्व हुए मिराभाईन्दर मनपा चुनाव में वार्ड १२ से निर्वाचित नगरसेविका एवं भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता के भाभी डिंपल मेहता मागासवर्गीय समाज कोटे से मेयर बनी थी| सत्ता की चाभी अपनी जेब में रखने के लिए विधायक नरेन्द्र मेहता ने अपनी भाभी को ही मेयर बनाया था| लेकिन प्रदीप जंगम और रोहित सुवर्णा ने डिम्पल मेहता के जाती प्रमाण्पत्र पर आक्षेप उठाते हुए जात प्रमाण पत्र समिति में शिकायत करते हुए बताया था की डिंपल मेहता ने इलेक्शन के दौरान जो एफिडेविट दिया है उसमे उन्होंने बताया है की उनके पिता का जन्म भाईंदर में ही हुआ था और उनकी पढाई निरंक है जबकि रोहित सुवर्णा के अनुसार डिंपल मेहता के पिताजी मोहनभाई गोहिल का जन्म गुजरात के जूनागढ़ जिल्हे के खाम्बा गाव में हुआ था जिसका प्रमाण उनके स्कुल के लिविंग सर्टिफिकेट पर है| डिंपल मेहता ‘’दर्जी’’ जाती से आती है इस तरह के प्रमाण उन्होंने चुनावी उमिद्वारी फॉर्म में बताया है| कल माटुंगा में सरकारी कार्यालय में हुयी मीटिंग में दोनों समाजसेवको ने अपने तरीके से दस्तावेज के अधर सुबूत पेशा किया| जबकि डिंपल मेहता की ओर उनके पति विनोद मेहता, उनके वकील और २-३ करीबियों ने मेहता का पक्ष रखा| दोनों की दलीलों और सुबूतो देखने और सुनने के बाद समिति ने ३ दिन में या २० फरवरी से पहले अपना फैसला जाहिर करने का निर्णय लिया है देखना है की समिति अपना क्या फैसला सुनाती है| समिति के फैसले पर पुरे शहर की नजरे टिकी हुयी है|
इस बिच दोनों समाजसेवको को विनोद मेहता की ओर से धमकिया भी मिली थी जिसके चलते दोनों ने सुनवाई वाले दिन याने कल ५ फरवरी को पुलिस बंदोबस्त माँगा था| देखना है की आनेवाले समय में समिति का फैसला किसके पक्ष में जाता है|

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here